Summary
भारत में 2014 से अब तक 116 से अधिक पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, जिससे 7.5 करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं और पेपर माफिया 19 राज्यों में फैला है। नीट पेपर लीक के बाद 21 छात्रों ने आत्महत्या की, जिसके बाद 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व में आंदोलन हुआ और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।