Summary
छह साल बाद लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन सीमा व्यापार फिर से शुरू होने की उम्मीद के बावजूद, भारतीय व्यापारियों को चीन में नया सामान ले जाने की अनुमति नहीं मिली है, जिससे गुंजी में करोड़ों का माल फंसा हुआ है। चीन ने केवल उन 16 व्यापारियों को तकलाकोट जाने की अनुमति दी है जिनका सामान 2019 में व्यापार बंद होने के बाद वहीं रह गया था।