Summary
एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय बैंकों के लिए परिसंपत्ति गुणवत्ता का दृष्टिकोण स्थिर बना हुआ है, जिसमें असुरक्षित ऋण में कमी से नए तनावों को रोकने में मदद मिलेगी। पश्चिम एशिया में मौजूदा संकट का संचालन पर सीमित प्रभाव पड़ने की संभावना है, जबकि सूक्ष्म वित्त और MSME ऋण सुरक्षित सीमाओं के भीतर बढ़ रहे हैं।