सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: गाली देना हर बार अश्लीलता नहीं, अभद्र भाषा और अश्लीलता अलग

न्यायपालिका

18 July 2026 at 9:19 pm

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: गाली देना हर बार अश्लीलता नहीं, अभद्र भाषा और अश्लीलता अलग

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सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि गाली-गलौज या अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना हमेशा अश्लीलता नहीं होता, जब तक कि वह कामुकता को बढ़ावा देने वाला न हो। कोर्ट ने तमिलनाडु के एक मामले में यह टिप्पणी की, जहां एक व्यक्ति को मां की गाली देने के लिए अश्लीलता के आरोप से बरी कर दिया गया, हालांकि उसे गंभीर चोट पहुंचाने के लिए दोषी ठहराया गया।

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