Summary
इंदौर के ओम द्विवेदी ने नेपाल में रसुवागढ़ी में हुई भीषण तबाही से दो दिन पहले कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि जिस रास्ते से वे गुजरे थे और जिन जगहों पर रुके थे, वे अब मलबे और पानी में बदल चुकी हैं। यात्रा के दौरान उन्हें मौत का एहसास भी हुआ था जब एक पत्थर उनके पास से लुढ़क कर नदी में चला गया था।