Summary
रायपुर एयरपोर्ट की जमीन पर मालिकाना हक का दावा करने वाले किसान अश्विनी बांधे ने अपना क्लेम ₹3500 करोड़ से बढ़ाकर ₹13,173 करोड़ कर दिया है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद तहसीलदार अंतिम फैसला सुनाएगा। यह कानूनी लड़ाई 1942 में ब्रिटिश सरकार द्वारा जमीन के अस्थायी अधिग्रहण से शुरू हुई थी, जिसे युद्ध खत्म होने के बाद भी परिवार को वापस नहीं किया गया।