Summary
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि न्यायपालिका आलोचना के खिलाफ नहीं है, लेकिन स्कूली किताबों में बिना तथ्य के भ्रामक बातें फैलाना गलत है। कोर्ट ने एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक से न्यायपालिका में भ्रष्टाचार संबंधी विवादित अध्याय हटाने के बाद स्वतः संज्ञान कार्यवाही बंद कर दी।