Summary
मध्य प्रदेश में एथेनॉल उत्पादन के नाम पर 1160 करोड़ रुपये के सरकारी चावल घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें फोर्टिफाइड चावल का उपयोग एथेनॉल बनाने के बजाय खुले बाजार में बेचा जा रहा था। इस घोटाले में एथेनॉल प्लांट संचालक, राइस मिलर्स और सरकारी तंत्र की मिलीभगत की आशंका है।