Summary
टीम इंडिया में खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने से इंजरी मैनेजमेंट सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे यह बहस तेज हो गई है कि क्या चोट की पहचान में चूक हो रही है या खिलाड़ियों पर रिहैब पूरा होने से पहले ही वापसी का दबाव है। विशेषज्ञों का मानना है कि खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट होने के लिए अधिक समय देने की आवश्यकता है।